कहाँ शब्दों का वजन कहाँ है मेरे दोस्त की खूबसूरती۔
उस तरफ उसका बाप रो रहा था , इस तरफ मेरी माँ रो रही थी
अगर जीवन में आगे बढ़ना है, तो प्रेरणा की जरूरत होती है। ये शायरी हमारे भीतर छिपी उस ऊर्जा को जगाने का काम करती है, जो हमें हर मुश्किल से लड़ने का हौसला देती है। इसमें जिंदगी की सकारात्मकता और प्रेरणा झलकती है।
दिन-रात सिर्फ और सिर्फ तेरा ही चेहरा नजर आता है!
हम बाजीराव LATEST SHAYARI COLLECTION नहीं जो मस्तानी के लिए दोस्ती छोड़ दे,
उसे मोहब्बत कहते है जो हर किसी को नहीं मिलती!
बीते हुवे कल की यही कहानी है,कुछ खुद बर्बाद हुवे तो कुछ उनकी मेहरबानी है !!
राहें गलत नहीं होती हम गलत चुन लेते हैं।
मेहरबानी जमाने की अब ये दिल मासूम ना रहा
उदास होठों पर मुस्कान के फूल आएं तो जानना
जिसे चाहा उसी ने रुलाया बहुत,इस दिल ने वफ़ा में दर्द ही कमाया बहुत।
वर्ना दोस्ती भी प्यार से कम नहीं होती !!